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Sunday, April 29, 2012

शुक्र पारगमन पर राष्ट्रीय कार्यशाला उदयपुर में सम्पन्न



मोहनलाल सुखाडिया वि0वि0 में स्थित आयुका के आई0आर0सी0 द्वारा 
शुक्र पारगमन पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यषाला उदयपुर में सम्पन्न हुई। 
दिनांक 26.4.12 को होटल आमंत्र के सभागार में कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथी प्रो0पीसी अग्रवाल व विज्ञान प्रसार के वैज्ञानिक श्री अमिताभ पांडे की अध्यक्षता तथा प्रो.महीप भटनागर, प्रो.बी एल आहूजा, प्रो0 राजेश पांडे समन्वयक प्रो0एसएन जाफरी, प्रो. जी एस राठेाड तथा अन्य अतिथियों ने अपने उद्बोधन दिये इस अवसर पर राजस्थान व गुजरात तथा मध्यप्रदेष के संभागी तथा शोधार्थी छात्र तथा अन्य छात्र उपस्थित थे।
इस दिन प्रो0पीसी अग्रवाल ,चेयर पर्सन,इसरो बैंगलोर  तथा प्रो0ए0अम्बाष्ठा,वरिष्ठ वैज्ञानिक उदयपुर सौर वेधशाला ला के पॉवर पॉइन्ट प्रेजेन्टेषन हुये तथा श्री अमिताभ पांडे द्वारा विज्ञान प्रसार द्वारा दी गई किट की जानकारी दी गई।सायंकाल श्री दीपक जी द्वारा दूरदर्शी  द्वारा शनि वलय
चन्द्रमा तथा शुक्र ग्रह की कलायें तथा शनि के चन्द्रमाओं का दर्शन करवाया गया व विभिन्न तारामंडलों व तारों के बारे में जानकारी दी गई इस अवसर पर श्री अमिताभ पांडे जी व श्री नरेन्द्र गौर द्वारा भी विभिन्न प्रश्नों  के उत्तर दिये गये।
दिनांक 27.4.12 को आई.आई.ए.पी.  बैंगलोर  के प्रो0एस0चटर्जी द्वारा दिन के खगोल विज्ञान  व सायं नेहरू तारामंडल मुम्बई के निदेषक श्री अरविंद परांजपे द्वारा शुक्र पारगमन पर पॉवर पॉइन्ट प्रेजेन्टेषन दिये। दिन में श्री दीपक तथा अमिताभ जी ने दिन की खगोलीय घटनाओं को देखने तथा विद्यार्थियों के लिये की जा सकने वाली गतिविधियों के बारे में बताया।दिन में ही सभी को एक -एक दूरदर्शी  दिया गया तथा इसके उपयोग से प्रक्षेपण विधि से सूर्य ग्रहण व शुक्र पारगमन की सुरक्षित विधि को समझाया गया। सायंकाल को पुनः आकाश दर्शन का कार्यक्रम हुआ।
दिनांक 28.4.12 को श्री अरविंद परांजपे के व्याख्यान के बाद कुलपति प्रो0आइ0वी0त्रिवेदी ने सभी संभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किये। इसके बाद डॉ लोकेश  भारती व डॉ देवेन्द्र पारीक के व्याख्यान के पश्चात् पेनल डिस्कषन हुआ तथा विभिन्न शंकाओं व खगोलीय घटनाओं के बारे मे चर्चा हुई।कार्यक्रम अत्यंत रोचक व ज्ञानयुक्त रहा।
        ज्ञातव्य रहें की शुक्र पारगमन की 

घटना अपने परिक्रमा पथ पर  सूर्य 

औरपृथ्वी के बीच शुक्र ग्रह के सीध में 

आने के कारण होती है| 6 जून 2012 को शुक्र पारगमन हो रहा है। 6 जून 1882 के बाद छह जून 2004 को शुक्र पारगमन हुआ था। उन्होंने कहा कि अब यह घटना 11 दिसंबर 2117 और इसके बाद आठ दिसंबर 2125 को होगी। उन्होंने कहा कि इस दुर्लभ घटना को नग्न आंखों से न देखें। इस अदभुत खगोलीय घटना को देखने के लिए प्रक्षेपण विधि से पिन होल कैमरा या दूरबीन के माध्यम से परदे पर सूर्य का प्रतिबिम्ब बना कर देखना ही सबसे ठीक सूर्य को नग्न आँखों से देखना खतरनाक होता है |


प्रस्तुति-अखिलेश कुमार श्रीवास्तव 

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