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Saturday, July 23, 2011

विज्ञान सेमिनार


विधार्थियों विज्ञान से सम्बंधित अपनी सृजन क्षमता को विज्ञान सेमिनार के माध्यम से भी व्यक्त कर सकते हैं | विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सृजनात्मक क्षमता के अभिवर्धन करने वाली इस प्रतियोगिता का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टीकोण विकसित करना है | यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों में स्वस्थ स्पर्धा की भावना का विकास भी करती है | इस प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक सोच विकसित होती है जो उसके भावी जीवन में समस्या समाधान में काम आती है |


कैसे होता है आयोजन -
विज्ञान सेमिनार राजस्थान में हर वर्ष आयोजित किया जाता हैं | इस का आयोजन विद्यालय ,जिला ,राज्यस्तर और राष्ट्रीय स्तर पर किया जाता है | विज्ञान सेमिनार आयोजन एस.आई.ई.आर.टी.उदयपुर द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद, मुंबई द्वारा नेहरु विज्ञान केन्द्र, मुंबई के सौजन्य से किया जाता है | जिला स्तर पर इसका आयोजन  जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) द्वारा करवाया जाता है | प्रत्येक जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने वालों को राज्य स्तर पर प्रस्तुति देनी होती हैं |राज्य स्तरीय आयोजन प्रस्तुतीकरण द्वारा संस्थान परिसर में ही किया जाता है | राज्यस्तर पर प्रथम आने वाले व वरीयता क्रम में प्रथम छ: विद्यार्थियों प्रमाण पत्र और पुरुस्कार दिए जाते हैं | राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले संभागी को दो वर्ष तक एक हज़ार रुपये प्रतिमाह छात्रवृति प्रदान की जातीहै |


कौन भाग ले सकता है -
विज्ञान सेमिनार में कक्षा १० में अध्ययनरत विद्यार्थी भाग ले सकता है |


क्या करना होता है -
इस के लिए राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद, मुंबई द्वारा निर्धारित विषय पर अपना शोधपूर्ण पत्र तैयार कर पढ़ना होता है | प्रस्तुतीकरण अंग्रेजी, हिंदी या किसी भी मान्यता प्राप्त भारतीय भाषा में किया जा सकता है | जिस के लिए छ:मिनिट का समय दिया जाता है | तत्पश्चात निर्णयको द्वारा तीन प्रश्न पूछे जाते हैं | प्रतिभागी को किन्ही दो प्रश्नों के उत्तर दो मिनिट में देने होते हैं |अपने वाचन के दौरान विद्यार्थी पोस्टर, चार्ट, स्लाइड इत्यादि अधिकतम पांच सहायक सामग्रियों का उपयोग कर सकता है| सहयक सामग्री के रूप में विडियो/फिल्म की अनुमति नहीं दी जातीहै |
मूल्यांकन के आधार क्या होते हैं -
इस प्रतियोगिता में मूल्यांकन विशेषज्ञों द्वारा किए जाते हैं विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थी के प्रस्तुतिकरण में वैज्ञानिक तथ्य का समावेश ,दृश्यों की नवीनता ,भाषा प्रवाह इत्यादि पर ध्यान दिया जाता है |इस अंक निर्धारण निम्न प्रकार से होता है |
१-प्रस्तुति में वैज्ञानिक तथ्य      ४० अंक
२-दृश्यों की नवीनता          १५ अंक
३-बोलने में भाषा प्रवाह         २५ अंक
४-मौखिक या लिखित परीक्षा    १०-१० अंक


इस वर्ष की तिथियाँ -
सत्र २०११-१२ के लिए विज्ञान सेमिनार की तिथियाँ जिला के लिए ३० जुलाई और राज्यस्तर के लिए २५- अगस्त संभावित तिथियाँहैं|


इस वर्ष का विषय -

"मानव कल्याण के लिए रसायन विज्ञान देश आशाएं और चिंताएं "
"chemistry for human welfare promises and concern "


इस सम्बन्ध में अधिक और प्रमाणिक जानकारी एस.आई.ई.आर.टी.उदयपुर से प्राप्त करे |               

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