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Friday, July 22, 2011

विज्ञान एवं जनसँख्या व विकास शिक्षा मेला सृजनात्मकता अभिवर्द्धन का अनुष्ठान


राजस्थान के विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियो के लिए विज्ञान में अपनी सृजनात्मक अभिव्यक्ति को प्रकट करने के लिए विज्ञान मेला एक बहुत अच्छा माध्यम है |विज्ञान मेले आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टीकोण का विकास कर उनमें विद्यमान वैज्ञानिक प्रतिभा को और अधिक विकसित करने के लिए प्रोत्सहित करना है |इस तरह के आयोजन विद्यार्थियो में विज्ञान के प्रति अभिरुचि और अनुसंधानवृति को विकसित करने में सहायता करते है साथ ही विज्ञान मेले में आयोजित विभिन्न प्रतियोगितायें विद्यार्थियों में स्वस्थ स्पर्धा, आत्मविश्वास, जागरूकता व परस्पर सहयोग जैसे मानवीय गुणों की अभिवृद्धि करने में सहायक होती है |

विज्ञान मेला केवल विद्याथियों को ही नहीं अपितु शिक्षकों को भी अपनी सृजनात्मक अभिव्यक्ति और अनुसंधान वृति को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है |
कैसे होता है आयोजन -
राजस्थान में विज्ञान मेलों का आयोजन त्रिस्तरीय होता है-
१ -विद्यालय स्तर
२- जिला स्तर
३-राज्य स्तर
विद्यालय स्तर के विजेता जिला स्तर पर और जिला स्तर के विजेता राज्य स्तर पर पर भाग लेते हैं। राज्य स्तरीय मेले में पुरस्कृत व प्रशंसनीय प्रादर्शों के आलेखों को राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में चयन हेतु एनसीईआरटी नई दिल्ली भेजा जाता है।
कौन कौन सी प्रतियोगिताओ का आयोजन किया जाता है -
१-प्रादर्श प्रदर्शन (विज्ञान मॉडल)
२-विज्ञान एवं जनसँख्या व विकास शिक्षा क्विज
३-विद्यार्थी सेमिनार
४-शिक्षक सेमिनार
५-वाद-विवाद प्रतियोगिता
६-विद्यार्थियों के लिए पोस्टर प्रतियोगिता
७-शिक्षकों के लिए पोस्टर प्रतियोगिता
विद्यार्थी और शिक्षक कैसे ले सकते हे भाग -विज्ञान मेला एस.आई.इ.आर.टी. उदयपुर के निर्देश के अनुसार आयोजित किया जाता है | इसकी तिथियाँ पूर्व में घोषित की जाती है |ये तिथियां विद्यालय स्तर के लिए माह अगस्त में दो दिवस ,जिलास्तर के लिए माह सितम्बर चार दिवस तथा राज्यस्तर के लिए माह नवम्बर /जनवरी में पांच दिवस की होती है |इस में विभिन्न प्रतियोगिता से संबंधित विषय भी पहले घोषित किए जाते हैं |इस में आयोजित विभिन्न प्रतियोगितओं में निम्नानुसार भाग लिया जा सकता है |
१-प्रादर्श प्रदर्शन (विज्ञान मॉडल) - इस प्रतियोगिता में कक्षा ६ से ८ तक के विद्यार्थी जूनीयर वर्ग में तथा कक्षा ९ से १२ सीनीयर वर्ग में भाग ले स्स्कते हैं | इस प्रतियोगिता हेतु एन.सी.इ.आर.टी. द्वारा निर्धारित उपविषयो में प्रत्येक में एक एक विद्यार्थी भाग ले सकता है | इन प्रादर्शो को प्रदर्शन पहले विद्यालय स्तर पर आयोजित विज्ञान मेले में लगने वाली विज्ञान प्रदर्शनी में कर मूल्यांकन किया जाता है यहाँ पर उपविषय के अनुसार प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले माडलों को जिला स्तर के लिए चयनित किया जाता है | जिला स्तर पर विभिन्न विद्यालयों से आये माडलो को विज्ञान प्रदर्शनी के माध्यम से पुन: प्रदर्शित किया जाता है जहाँ पर फिर मूल्यांकन होता है |इस में उपविषय के अनुसार प्रथम स्थान प्राप्त करने वालो का चयन राज्य स्तर के लिए किया जाता है |राज्य स्तर पर विभिन्न जिलों से आये माडलो का मूल्यांकन विशेषज्ञ पैनल द्वारा किया जाता है |तथा श्रेष्ठ प्रादर्शो को पुरुस्कृत किया जाता है | राज्य स्तरीय मेले में पुरस्कृत व प्रशंसनीय प्रादर्शों के आलेखों को राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में चयन हेतु एनसीईआरटी नई दिल्ली भेजा जाता है। जहाँ विशेषज्ञ इन आलेखों का अध्यन कर जवाहर लाल नेहरु राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी के लिए कुछ उच्च वैज्ञानिक मूल्यों वाले प्रादर्शो का चयन किया जाता है |इस प्रतियोगिता से संबंधित मुख्य विषय व उप विषय को एन.सी.इ.आर.टी.की वेबसाइट पर देखा जा सकता है |
२-विज्ञान एवं जनसंख्या शिक्षा क्विज - यह प्रतियोगिता भी विद्यालय ,जिला और राज्यस्तर पर होती है|इस प्रतियोगिता में कक्षा ९ व १० के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं | विद्यालय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी जिला स्तर पर भाग लेते और जिला स्तर पर प्रथम आने वाले विद्यार्थी राज्यस्तरीय क्विज में अपना भाग्य आजमाते है |
क्विज प्रतियोगिता हेतु राज्य और जिला स्तर पर पहले लिखित परीक्षा ली जाती है जिसमे भौतिक, गणित, रसायन, जीवविज्ञान, विज्ञान के विविध क्षेत्रों पर तथा जनसंख्या शिक्षा पर आधारित ६० बहुविकल्पी प्रश्नपूछे जाते है |इस में मेरिट से पहले १६ स्थान प्राप्त करने वालों को दिवतीय चरण मौखिक क्विज में बैठने का अवसर प्राप्त होता है |यहाँ पर क्विज में चार चक्रों  क्रमशः विकल्प, दीर्घ, ऑडियो-विसुअल और त्वरित चक्र में प्रश्न पूछे जाते हैं | इस रौचक प्रतियोगिता में विद्यार्थी धेर्यपूर्वक चक्र दर चक्र अंक प्राप्त करते हैं और अंत में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले को विजयेता घोषित किया जाता है |
३-विद्यार्थी सेमिनार - इस प्रतियोगिता में चयनित विषय जो की जनसंख्या शिक्षा पर आधारित होता है पर विद्यार्थी को अपना शोधपूर्ण पत्र का वाचन निर्धारित समयावधि (६ मिनिट) करना होता है | यह प्रतियोगिता भी विद्यालय ,जिला और राज्यस्तर पर होती हैं |एक स्तर से दूसरे स्तर पर जाने के लिए पूर्ववर्णित प्रतियोगितओं के अनुसार चयन किया जाता है |इसमें कक्श११ व१२ के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं |
४-शिक्षक सेमिनार - इस प्रतियोगिता में विज्ञान आधारित निर्धारित विषय पर शिक्षक को अपना शोधपूर्ण पत्र का वाचन निर्धारित समयावधि करना होता है | यह प्रतियोगिता भी विद्यालय ,जिला और राज्यस्तर पर होती हैं |एक स्तर से दूसरे स्तर पर जाने के लिए पूर्ववर्णित प्रतियोगितओं के अनुसार चयन किया जाता है |
५-वाद-विवाद प्रतियोगिता - इस प्रतियोगिता में कक्षा ९ से १२ के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं |इसमें विधार्थियों को जनसँख्या शिक्षा पर पूर्व निर्धारित विषय के अनुसार निर्धारित समय में पक्ष या विपक्ष में बोलना होता है और श्रेष्ठ वक्ता पक्ष और विपक्ष का चयन किया जाता है | इसमें भी विद्यालय स्तर पर चयनित पक्ष और विपक्ष में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालो को जिला स्तर पर और जिले में पक्ष और विपक्ष में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालो को राज्य स्तर पर चयनित किया जाता हैं |
५-विद्यार्थी पोस्टर प्रतियोगिता - इस प्रतियोगिता में कक्षा ९ से १२ के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं |इसमें विधार्थियों को जनसँख्या शिक्षा पर पूर्व निर्धारित विषय के अनुसार प्रतियोगिता स्थल पर पोस्टर बनाना होता है |इसमें भी एक स्तर से दूसरे स्तर पर जाने के लिए पूर्ववर्णित प्रतियोगितओं के अनुसार चयन किया जाता है |
६-शिक्षक पोस्टर प्रतियोगिता - इस प्रतियोगिता में शिक्षक भाग ले सकते हैं |इसमें शिक्षकों  को जनसँख्या शिक्षा पर पूर्व निर्धारित विषय के अनुसार प्रतियोगिता स्थल पर पोस्टर बनाना होता है |इसमें भी एक स्तर से दूसरे स्तर पर जाने के लिए पूर्ववर्णित प्रतियोगितओं के अनुसार चयन किया जाता है | 




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