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Saturday, June 11, 2011

राष्‍ट्रीय बाल भवन (NBB)

सन् 1956 में नई दिल्ली में स्थापित राष्‍ट्रीय बाल भवन (NBB) मानव संसाधन और विकास मंत्रालय (MHRD) द्वारा पूर्ण रूप से वित्त पोषित एक स्‍वायत्तशासी संस्‍थान है। इसकी स्थापना 5 से 16 वर्ष के बच्चों को रचनात्मक अवसर उपलब्ध कराने के लिए की गई थी।
श्रीमती इंदिरा गांधी राष्ट्रीय बाल भवन की पहली अध्यक्ष थी। इसका पता निम्न है-

अध्यक्ष, राष्ट्रीय बाल भवन, कोटला रोड, नई दिल्ली- 110002

उद्देश्य-

बच्चों की रचनात्मक क्षमता का विस्तार करना और वैज्ञानिक सोच विकसित करना है जिससे उनमें चुनौतियों का सामना करने, प्रयोग करने का साहस आ सके और वे नए और रचनात्मता काम कर सकें।

विशेषताएँ एवं कार्यक्रम-

> 1956 में इसके गठन से ही बाल भवन ने संपूर्ण देश में उत्तरोत्तर प्रगति की है। वर्तमान में राष्‍ट्रीय बाल भवन से संबद्ध 73 बाल भवन पूरे देश में काम कर रहे हैं। इससे संबद्ध 7 बाल भवन केंद्र उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में कार्यरत हैं।

> मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित राष्ट्रीय बाल भवन केंद्रों के द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं का लाभ न उठा पाने वाले अधिकतम बच्चों तक सुविधा पहुंचाने के लिए दिल्ली के विभिन्न इलाकों में भी बाल भवन केंद्रों की स्थापना की गई है। ये केंद्र पिछड़े इलाकों, ग्रामीण क्षेत्रों, पुनःस्थापित कॉलोनियों एवं बालिका गृहों के बच्चों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। ऐसा ही एक केन्द्र मंडी गांव में आसपास के गांवों के बच्चों के लिए स्थापित किया गया है।
राजस्थान में यह बाल भवन केन्द्र जयपुर में स्थित है जिसका पता निम्न है-

अध्यक्ष, बाल भवन, जयपुर
५०८, अन्जनी मार्ग, हनुमान नगर एक्सटेंशन
सिरसी रोड, जयपुर (राज.) पिन- 302021

> राष्ट्रीय बाल भवन (एनबीबी) अपने उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए कई विषयों जैसे - विज्ञान, रचनात्मक कला ( प्रदर्शन कला, चित्रकला, शिल्पकला) फोटोग्राफी, शारीरिक शिक्षा, गृह प्रबंधन, साहित्य, संग्रहालय की तकनीक और प्रकाशन इत्यादि पर व्यापक गतिविधियों के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित करता है।

"बाल श्री" योजना-

राष्ट्रीय बाल भवन (एनबीबी) के अंतर्गत "बाल श्री" योजना असाधारण रचनात्मक बच्चों को रचनात्मक कला के लिए प्रोत्साहित कर उनसे सृजनात्मक प्रदर्शन करवाता है। यह बच्चों को सृजनात्मक वैज्ञानिक प्रायोजनाओं व नवाचारों के लिए तथा विभिन्न विधाओं में रचनात्मक लेखन के लिए सम्मानित भी करता है। इस हेतु प्रतिवर्ष तीन स्तरों - स्थानीय, क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता होती है तथा जांच के पश्चात बच्चों को इस सम्मान के लिए चयनित किया जाता है।

> अपने क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों को आयोजित करने के अलावा राष्ट्रीय बाल भवन बच्चों के प्रतिनिधिमंडल को अन्य देशों में सांस्कृतिक आदान प्रदान कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिये भी भेजता है।

>अंतर्राष्ट्रीय बाल संसद एवं एकता कैम्प कार्यक्रम के तहत 14 से 20 नवम्बर को प्रतिवर्ष आयोजित होता है जिसमें विभिन्न देशों से बच्चे भाग लेते हैं।

राष्ट्रीय बाल संग्रहालय-

इसमें बच्चों की रुचि की विभिन्न वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई गई है जिसे प्रतिवर्ष लाखों बच्चे देखते हैं। इसमें संग्रहालय आधारित गतिविधियाँ भी की जाती है।

अन्य कार्यक्रम-

> राष्ट्रीय साक्षरता सम्मेलन (National Literary Meet) ।

> युवा पर्यावरणविद् राष्ट्रीय सम्मेलन (National Conference of Young Environmentalists)।

> सबके लिए शिक्षा सप्ताह।
राष्ट्रीय प्रशिक्षण संसाधन केन्द्र (एनटीआरसी)-

यह शिक्षकों तथा प्रशिक्षकों को रचनात्मक गतिविधियों में प्रशिक्षित करने के लिए एक संसाधन केन्द्र है। एनटीआरसी प्राथमिक शिक्षकों और प्रशिक्षित स्नातक अध्यापकों को प्रशिक्षण प्रदान करता है।

सदस्यता या प्रवेश की प्रक्रिया-

> 5 से 16 वर्ष तक की आयु के बच्चे बाल भवन की वैयक्तिक सदस्यता प्राप्त कर सकते हैं।

> बाल भवन के सदस्यता फॉर्म का शुल्क दो रुपए है। इसे बाल भवन के सदस्यता अनुभाग से प्राप्त किया जा सकता है अथवा डाउनलोड भी किया जा सकता है। 12 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए वार्षिक सदस्यता शुल्क 50 रुपए तथा १२ वर्ष से ऊपर की आयु के बच्चों के लिए 100 रुपए है। पूर्ण रूप से भरे गए सदस्यता फार्म समस्त दस्तावेज के साथ पंजीकरण के समय बच्चे को स्वयं उपस्थिति होकर जमा कराना अनिवार्य है। पंजीकरण के पश्चात आवेदक बच्चे को एक पहचान पत्र जारी किया जाता है। प्रवेश के समय, आवेदक अधिकतम दो गतिविधियों का चयन कर सकता है।

> अनाथालयों, स्लम कालोनियों के बच्चों तथा स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा जिनका पालन-पोषण किया जाता है, ऐसे बच्चों के लिए राष्ट्रीय बाल भवन की सदस्यता निःशुल्क है। उनसे वाहन शुल्क भी नहीं लिया जाता है।

> कुछ मामलों में मानसिक व शारीरिक रूप से अक्षम बच्चों के लिए आयु सीमा के संदर्भ में भी छूट प्रदान की जाती है।

विद्यालयों के लिए सदस्यता :

निजी व सरकारी विद्यालय भी राष्ट्रीय बाल भवन की सदस्यता प्राप्त कर सकते हैं। निजी विद्यालयों के लिए वार्षिक सदस्यता राशि रुपए 500/- तथा सरकारी विद्यालयों के लिए वार्षिक सदस्यता राशि २५०/- है। इस प्रकार की सदस्यता के अंतर्गत बाल भवन द्वारा आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने के लिए कभी भी कितने भी बच्चे आ सकते हैं, किंतु उनके साथ उनके विद्यालय के शिक्षक का होना अनिवार्य है। यदि किसी गतिविधि के अंतर्गत चयन किया जाता है तो इन बच्चों को देश के किसी अन्य भाग में अथवा विदेश में किसी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए भेजा जा सकता है।

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