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Monday, June 6, 2011

एनसीईआरटी ने बनाया आईसीटी के लिए भारत का प्रथम "लैब इन बॉक्स"

एनसीईआरटी व एचपी के सहयोग से एक आईसीटी युक्ति तैयार की है जिसे "लैब इन बॉक्स" नाम दिया है। इस युक्ति का शुभारंभ माह फरवरी में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने किया और कहा कि एनसीईआरटी के नए प्रयोग से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी पढ़ाई की बेहतर सुविधाएं दी जा सकेगी। इससे बच्चों को बड़ा फायदा होगा। उन्होंने इसकी सराहना करने हुए कहा कि इससे सामाजिक व शैक्षिक क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों को स्थाई रूप दूर किया जा सकता है। एनसीईआरटी ने एचपी के सहयोग से यह जहाज के कंटेनर की आकृति की एक लघु कम्प्यूटर प्रयोगशाला या एक आधुनिक साइबर कैफे है, जिसमें वायरलेस इंटरनेट सुविधा युक्त 20 कम्प्यूटर, प्रिंटर व विद्युत की सुविधा के लिए जनरेटर लगे हैं। इसे आसानी से उठाया और ट्रांसपोर्ट करके दूर दराज के उन ग्रामीण विद्यालयों में ले जाया जा सकता है जहाँ कम्प्यूटर सुविधा नहीं है। यह अपनी तरह का देश का प्रथम लेब इन बॉक्स है। यह एक प्रोटोटाइप (प्रादर्श) है जिसे अभी एनसीईआरटी परिसर में रखा गया तथा विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों एवं अन्य उपयोगकर्ताओं के साथ परीक्षण किया जा रहा है कि इसके साथ उनकी प्रतिक्रिया कैसी रहती है ताकि इस विचार का उपयोग संपूर्ण देश के दूरस्थ स्कूलों में आईसीटी के उपयोग की दिशा में किया जा सके। इस उपकरण के उद्घाटन के मौके एनसीईआरटी के तत्कालीन निदेशक प्रो. जी रविंद्र ने कहा कि इस सुविधा से ग्रामीण भारत के छात्रों को लाभ होगा। एनसीईआरटी के केन्द्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (CIET) की संयुक्त निदेशक वसुधा कामत ने इसके बारे में कहा कि विद्यार्थी इसके द्वारा एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकें, वीडियो व ऑडियो पुस्तकें एवं अन्य ई-सामग्री को आसानी से प्राप्त (एक्सेस) कर सकते हैं। विद्यार्थियों के सीखने को सरल करने के लिए इसमें टच स्क्रीन भी लगी है जिससे विद्यार्थियों में स्वयं प्रौद्योगिकी का उपयोग करने का विश्वास उत्पन्न होगा। लैब बॉक्स कम लागत में स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में आइसीटी एकीकरण का विकल्प प्रदान करता है।

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