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Wednesday, June 8, 2011

शिक्षा गारंटी योजना तथा वैकल्‍पिक एवं अनूठी शिक्षा (ईजीएस तथा एआईई)-

विद्यालय नहीं जा रहे बच्‍चों को बुनियादी शिक्षा कार्यक्रम के तहत लाने का लक्ष्य सर्वशिक्षा अभियान (एसएसए) का एक महत्‍वपूर्ण घटक है। इस योजना में स्‍कूली शिक्षा से अभी तक वंचित रहे प्रत्‍येक बालक के लिए अलग से योजना बनाने का प्रावधान है।

> ईजीएस में ऐसे दुर्गम आबादी-क्षेत्रों पर ध्‍यान दिया जाता है, जहां एक किलोमीटर के घेरे में कोई औपचारिक स्‍कूल नहीं हो और स्‍कूल नहीं जाने वाले 6-14 वर्ष के आयु वर्ग के कम से कम 15-25 बच्‍चे वहां मौजूद हों।

> पर्वतीय क्षेत्रों की तरह के दुर्गम क्षेत्रों जैसे अपवादों में 10 बच्‍चों पर भी एक ईजीएस स्‍कूल खोला जा सकता है।

> वैकल्‍पिक शिक्षा की शुरूआत समाज के वंचित वर्ग के बच्‍चों - बाल श्रमिक, सड़कों पर जीवनयापन करने वाले बच्‍चे, कठिन परिस्‍थिति में रहने वाले बच्‍चे और 9 वर्ष से अधिक आयु के बच्‍चों के लिए बनाई गई है।

> ईजीएस और एआईई में देश-भर में किशोरावस्‍था की बालिकाओं पर भी विशेष ध्‍यान दिया जाता है।

उन रिहायशी क्षेत्रों में जहां स्‍कूल तो हैं, किंतु या तो उनमें बच्‍चों ने प्रवेश ही नहीं लिया या भर्ती होने के बाद बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी, ऐसे बच्‍चे संभवतया पारंपरिक स्‍कूली प्रणाली से सामंजस्‍य नहीं बिठा पाते। ऐसे बच्‍चों को स्‍कूल में वापस लाने हेतु स्‍कूल वापसी शिविरों का आयोजन और सेतु पाठ्यक्रम (ब्रिज कोर्स) की नीतियां लागू की गई हैं। सेतु पाठ्यक्रम और स्‍कूलवासी शिविर बच्‍चों की जरूरतों के अनुसार आवासीय और गैर आवासीय हो सकते हैं।

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