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Tuesday, November 2, 2010

दीपावली की शुभकामनाए

मित्रो
दीपावली की बहुत बहुत शुभकामनाए|लम्बे अरसे बाद आप लोगो से मुखातिब हूँ |मित्रों एक पवित्र उद्देश्य को लेकर इस ब्लॉग को बनाया था |पर मैं अपने समय को मेनेज नहीं कर पाया विचार था की राजस्थान के सृजनशील साथिओं का एक विचारमंच ये ब्लॉग बने ताकि हम सभी मिलकर एक बेहतर कल के निर्माण को सुनिश्चित कर सकें | मेरा प्रमाद इस में रोड़ा बना और मैं सफल नहीं हो सका |अब एक नए संकल्प के साथ फिर प्रेरित हुआ हूँ |आशा हे की आप मेरा साथ देंगे |मेरा मानना है की सब से पहले राजस्थान के सृजनशील शिक्षक साथिओं का आपस में परिचय होना चाहए ताकि हम एक दुसरे को समझ सके |इसी क्रम में मेरा सोचना है की ऐसे सभी सृजनशील शिक्षक साथियो का परिचय इस ब्लॉग पर प्रकाशित किया जाना चाहिए जो कला ,विज्ञानं, साहित्य या शिक्षा के क्षेत्र में सृजन कर शिक्षा को समृद्ध कर रहे हैं |मित्रो मेरा मानना है की हार शिक्षक सृजन शील होता हैं |
अपने शिक्षण के दौरान वो अपनी समस्त सृजनशीलता का उपयोग कर वो अपने छात्रों को गूढ़ बातोंको सरलता से समझाता है |मित्रो वक़्त की मांग और एन.सी. आर.(नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क ) में ये मन गया हे की शिक्षण ऐसा होना चाहिए की वो विद्यार्थी को ज्ञान का निर्माण करने में मदद करे | विद्यार्थी स्वयम अपने ज्ञान का निर्माण करे यानि ज्ञान उस पर थोपा नहीं जाए वरन उस के लिए ऐसी परिस्थिथि का निर्माण हो की वो अपने लिए खुद ज्ञान बना सके |परम्परागत रूप से करवाए जा रहे शिक्षण में हम ज्ञान के पुंज बनकर उसमे ज्ञान ठूंसते है |यानि शिक्षक की अवधारणा कुछ बदली है |नूतन परिस्थिथियो में शिक्षक की भूमिका फ़ेसिलिएतर की हैं |ऐसे में शिक्षण कार्य में और अधिक सृजनशीलता की जरुरत है |इन सभी परिस्थिथियो के मध्य नज़र हम को आपस में मिलकर नए नए विचार आपस में बाँटने चाहिए ताकि हम अपडेट रह सके और एक बेहतर समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सके |उम्मीद करता हूँ की आप मेरे विचार से सहमत होंगे और आप अपने आस -पास अच्छा काम करने वाले शिक्षको का परिचय मुझ तक पहुँचाने का का कष्ट करेंगे | दोस्तों आप इस बारे में अपने अभिमत भी ब्लॉग में टिप्पणी से व्यक्त करंगे |एक बार फिर दीपावली की हार्दिक मंगलकामनाए |
मेरा इ -मेल है
शेष शुभ |
शेष फिर|

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