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Sunday, June 20, 2010

शिक्षा में निजीकरण

दोस्तों लम्बे समय बाद आप लोगो के सामने अपने विचारो के साथ हूँ ।मैं समझता हूँ ,मेरी तरहं हर सृजनशील शिक्षक के मन में ये विचार जरूर आता होगा की , शिक्षा में उदार मन से किया जा रहा निजीकरण कितना उचित हैं? हालाँकि मैं ये खुले मन से स्वीकारता हूँ की निजीकरण से शिक्षा लोगो तक पहुचाने में सहयता मिली हैं । पर क्या इतना सब से हमे सतोष कर लेना चाहिए ? माना की सरकारी संस्थाओ लोगो की अपेक्षाओ में खरी नहीं उत्तर रही हैं । कारण सीमित संसाधनों का असीमित उपयोग । यानि बिना सुविधा के सरकारी विद्यालयों में आज का नया उच्च मध्यम वर्ग अपने बच्चो को क्यों पढने भेजेगा । खेर चर्चा तो निजीकरण की थी । चलो अब लौट आते हे मुख्य बिंदु पर।
निजीकरण का सबसे बड़ा दुस्परिनाम तो हम सरकारी विद्यालयोंमें लागु की गई कंप्यूटर शिक्षा के रूप में हुए खिलवाड़ में देख चुके हैं । कंपनीओ की मनमानी स्कूलों के संस्था प्रधान भुगत रहे हैं ।
इसका और भी खतरनाक रूप हम निजी टीचर ट्रेनिंग कोलेज के रूप में देखने को मिल रहा हैं । हालात सभी को मालूम हे पर सब चुपी साध कर बेठे हैं । आप फीस के साथ सुविधा शुल्क की मोटी रकम दीजए कोलेज जाने की जरुरत नहीं घर पर बैठ कर ट्रेनिंग पूरी , परीक्षा दी और डिग्री ली । किस तरहं की खतरनाक स्थिति पैदा होगी आप सब समझ सकते हैं ।खेर इन निजी संस्थाओ में तो शिक्षक हे बन रहे हैं । गाँव -गाँव ,गली -गली खुले नर्सिं कोलेज भी ऐसा हे कर रहे हैं । जो मेडिकल कोलेज मान्यता के लिये इतनी बड़ी रकम चुकाते हे की रिश्वत लेने वाले के घर सोना टनों में मिलता हैं , तब क्या संस्थाओ ने मान्यता के मानदंडो को पूरा किया होगा ? आप खुद समझ सकते । हम ये भी समझ सकते कि इन संस्थाओ में पढने वाले विद्यार्थियो के साथ कितना बड़ा धोखा किया जा रहा हैं । परिस्थितिया और भी गंबीर हैं। पर सारी निजी संस्थाए ऐसी नहीं हैं कुछ निजी संस्थाओ पूर्ण सेवा भाव अच्छा काम कर रही हैं।
आप सभी के सामने इस खतरनाक समस्या को चर्चा के लिए रखा हे ।
आशा हे आप इस चर्चा में हिस्सा लेकर बात को आगे बढायेगे ।
क्योकि बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी ।

3 comments:

  1. BAT DUR TALAK JA K LAUT AYEGI.QK sare me bhang ghuli hai.aaj ki neetiyon se sirf "DIGRI DHARI" ANPADH hi taiyar ho rahe hai.Ye desh ko kahan le jayenge????????
    GOVT.SCHOOL u hi badnam hai.jo study karna chahte hai unhe padhane k liye govt teacher nahi de pa rahi hai,jo padhna nahi chahte unke peechhe sara deptt.LAGA HUA HAI.School ane vale students 20 july tak RAM BHAROSE.QK STAFF aise children ka survey karega jo school ana nahi chahte.JAI HO HAMARI NEETIYON KI.
    JAI HO RSERVATION KI...........
    KYA AAP "GEN" KO BILONG KARTE HAI????? TO YEH APKE BURE KARMO KA FAL HAI.Ab aap hr jagah que me sabse last me rahiye aur apne BHAGYA ko kosiye !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!
    chahe aapne bharpur fees dekar exelant marks gain kiye ho,apna kiraya laga kr entrance exam me appear ho kr exam bhi clear kiya ho LEKIN aap un sabse fissaddi ho jink pas reservation ki takat hai.
    aaj itna hi fir kabhi .......

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  2. It would be a serious problem in our country as majority of people cant afford it.

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  3. I appreciate your valuable thoughts and happy to see you here again. I may or may not have time to comment on your blog but I do visit it daily. The issue you raised this time is really very terrifying. Todays so called “Qualified” people are completely unskilled. I absolutely agree with you and want you to continue the process of making educated people aware. I will be back with some more in this respect.

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