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Sunday, February 28, 2010

होली की मुबारक बाद

मित्रो होली का अवसर हो आप से चर्चा न हो !ये तो अच्चा नहीं होगा । क्यों की रंगों का ये प्यारा सा त्यौहार हमरे जीवन में उत्साह और उमंग भर देता हैं । ये उत्साह और उमंग ही तो हमारी सृजनशक्ति को नया आयाम देती हैं। खेर ये बाते बाद में सर्व प्रथम तो आपको होली की मुबारक बाद ।
दोस्तों कुछ लोगो का काम हमको प्रेरणा देता हैं । मैंने कुछ समय पहले हरिक्रिशन आर्य साहब का जिक्र किया था। उन से बातचीत से पता चला था की उन्होंने ४० साल की उम्र के बाद कंप्यूटर सीखना सुरु किया था । पर आज वो सोफ्त्वैर के फिएल्ड मैं काफी काम कर चुके हैं उन का आगामी काम विर्चुअल क्लास रूम से सम्बंधित हैं।
वे hamare lia प्रेरणा हैं । उनकी सृजन्सीलता को सलाम करता हूँ। इ -लर्निंग के क्षेत्र मैं उनका काम महतवपूर्ण हैं । और भी बहुत से सृजनशील शिक्षक साथी इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हमरे ये सभी जाने अनजाने साथियो का काम कम्पुटर प्रोफस्नाल्स से कम नहीं हैं।
दोस्तों दो तरह के लोग होते हैं जिन के पास बहुत कुछ होता हैं पर वो अपना काम मौन साधक की तरह करते हैं दुसरे वे जिन के पास होता बहुत कुछ नहीं हैं पर वे अपने काम को प्रस्तुत बहुत अच्छे ढंग से करते और सफल रहते हैं । हालाँकि मैं उन की बात को गलत नहीं मानता क्यों की जमाना ही मार्केटिंग का हैं । कुछ भी हो सृजन तो वो भी कर ही रहे हैं ।
खेर राजस्थान में इ -लर्निंग के क्षेत्र से जुड़े सृजनशील शिक्षक के एक khabar हैं की yadi वे aapnae काम को sarkar के madhyam से aagae lana chahte हैं तो वे vibhag sampark कर sakte हैं । इस के lia bakayda vigyapan भी nikala gya हैं । वो sayad १४ ferbury के news papper मैं हैं ।
बात तो और भी बहुत हैं । phir milangae आज के lia bas itna hi

2 comments:

  1. Chamoli Ji, your initiative of bringing creative teachers together at one common platform thorugh this blog is really innovative and commendable.
    Today ICT is a field which van really transform or add value to the qualityof education. What is needed that teachers who are working towards this should join forces and from one club where they can share there ideas and practices with each other and help inrebuilding the education for 21st century.
    Best ogf Luck, Anoop Singh Rawat

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  2. Pramod ji
    aap ka cihantanhamesha ki trah moulik hain par main aap ki is baat se sahmat hoon ki srijansheel har haal main srijan hi karta hain.sabhi srijansheel sathio ko ek manch par lane ka aap ka prayass srahnia hain.
    lage rahe srijansheel shikshko ko jodnae ka aap ka mission khatin jarur hain par namumkin nahi.

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